Welcome to gyanbooks.com
Sampoorn Sagar
9789380222912

  
SEND QUERY
 
Author Krishna Kunal Jha
Year 2016
Binding Paperback
Pages 356
ISBN10, ISBN13 9380222912, 9789380222912
Short Description
The Title 'Sampoorn Sagar written/authored/edited by Krishna Kunal Jha', published in the year 2016. The ISBN 9789380222912 is assigned to the PaperBack version of this title. This book has total of pp. 356 (Pages). The publisher of this title is GenNext Publication. This Book is in Hindi. The subject of this book is Hindi / Novel.
List Price: US $8.95
Your PriceUS $8.00
You Save10.00%
Looks for Similar Books by Keywords:
Hindi (language) | 2016 (year) |
Untitled Document

ABOUT THE BOOK

संपूर्ण सागर किसी एक विषय को आधर मानकर नहीं लिखा गया है, पुस्तक कभी प्रभू होने का एहसास कराती है तो कभी देश से जोड़कर देशभक्ति का पाठ व फर्ज बताती है, तो कभी समाज में रह सामाजिक होने का और उन समाज में कुछ अच्छे या बुरे को संपूर्ण सागर सा बताती है, तो कभी रिश्ते-नाते कि जोड़ में बांधती है, तो कभी जीवन से रु-ब-रु करवा सुःख और दुःख के पलड़ा को समान बताती है, तो कभी पीछे मुड़ बचपन की तुतलाती लड़खड़ाती मंद मुस्कान से आँगन में खुशियाँ बिखेरती है। तो कभी वक्त को कर्म से और कर्म को कामयाबी तक की सीढ़ी चढ़ना सिखाती है, तो कभी प्रकृति से लगाव और महत्व बताती है, तो कभी वसंत की बहार व सावन कि फुहार से जन-जीवन को आनंदित करती है। और भी बहुत कुछ आवाक शब्द से आश्चर्य जनक प्रश्न पूछती है। आशा है कि यह पुस्तक आपको अपने सागर को पार करने में पृथक मददगार साबित होगा।

ABOUT THE AUTHOR

कवि और लेखक कृष्णा कुणाल झा का जन्म 22 नवम्बर सन् 1995 को बिहार स्थित् मधुवनी जिला के एक छोटे से गाँव मैलाम के मध्यवर्गीय परिवार में हुआ। उनकी माता का नाम श्रीमती रीता देवी एवं पिता का नाम श्री सुभाष चन्द्र झा है। कवि और लेखक कि प्रारंभिक शिक्षा गाँव के ही स्कूल से हुआ और माध्यमिक शिक्षा दिल्ली स्थित कॉसमॉस पब्लिक स्कूल से करने के बाद उच्च शिक्षा ‘महात्मा गाँधी महाविद्यालय बिहार स्थित दरभंगा से करने के उपरान्त मौजूदा समय में वे ‘ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से भौतिकी शास्त्रा से स्नातक की पढ़ाई कर रहे है। और इसके साथ-साथ साहित्य पठन-पाठन, लेखन का भी शौक पूरा कर रहे हैं।

CONTENTS

दो शब्द 13 आमुख 15 प्रभू प्रार्थना 1 सरस्वती.वंदना 19 2 सरस्वती स्तुती 21 3 ऐ खुदा कर दे रहमत इतना 22 4 ऐ जिन्दगी मुझे बता 23 5 उस खुदा सेक्या कहे 24 6 ऐ खुदा मेरी जिन्दगी बक्स दे 26 7 हे! प्रभू कर इतना कृपा 27 भारत की गरिमा 8 ग्राम भारत चन्दन सम् घूल 32 9 गौरवशाली भारत 33 10 उस भारत को हम करे प्रणामण् 34 11 गर्व करो ऐ भारतवासी 36 12 इस देश की मिट्टी की खुशबू 38 13 भारत कीगरीमा 39 14 देश के हित में 40 15 देश की शहादत मे 41 16 धरती का उपकार 42 17 मेरा गुमान 43 18 स्वच्छ भारतए समृद्ध भारत 45 19 गणतंत्र समाजए स्वतंत्र देश 46 20 इस धरती अंबर पर कितना गुमान 47 21 हे! मेरे देश के वीर सैनिक 49 22 खुशनुमा पल यही 51 हमारा समाज एवं सामाजिक समस्याएँ 23 हास्य कलाकारों की बेबसी 56 24 लाखों भाषी हिन्दी 57 25 हस्त पस्त निरश्त गृहस्थ 59 26 जग दर्शन 60 27. किसानों का दर्द 62 28. ये जग हुआ लाचार . 64 29. आहट भरी रात . 65 30. वो हुआ क्यों इतना हताश . 66 31. सूरत बड़ा या ज्ञान . 67 32. कुदरत का इंसाफ . 69 33. कलम या तलवार . 70 34. बाल-मजदूर . 71 35. गुलामी. 73 36. गरीबी का हाल . 75 37. हर घर रौशन- हर घर पोष्षण . 76 38. आज है पावन तिथि . 78 39. तड़प रही हूँ, तरस रही हूँ। . 80 40. कैसी है येदुनिया . 82 41. नायक और खलनायक . 84 42. दाव पर जिन्दगी ? . 86 43. दहकता संसार . 88 44. ये भूख, ये तरस . 90 45. चल रे हंस . 91 46. हर गली मे ट्युशन चार . 92 47. नन्ही कली. 94 48. फैशन का भूत . 96 49. बेइमान नेता. 97 50. चुनाव . 98 51. गरीबी का जीवन . 99 52. भ्रष्ष्टाचार . 100 53. सुरक्षा नारी की . 101 54. आत्मा की पुकार . 102 55. नीराश मत होना . 103 56. कल की दिल्ली . 104 57. आतंकवाद का साया . 105 58. बता ऐ मेरे साथी . 106 59. दहेज प्रथा. 107 60. धधकती ज्वाला . 108 61. धर्म है क्या ? . 110 62. जन आंदोलन. 112 63. पीठ पीछे धात . 114 64. प्रेम मिलाप . 115 65. जग बंजारा. 117 66. अपनों के साथ . 121 67. भाई-बहन का प्यार . 122 68. प्यार या ममता . 123 69. ममता की माँ . 124 70. मैं सोम सुत इसआँगन की . 126 71. कर के सोलह श्रंृगार . 127 72. हम उन गुरू की महिमा गाते हैं . 129 73. शिक्षक - एक ज्ञान प्रदत्त . 131 जीवन 74. जीवन की संभावना . 135 75. ये खामोश सी जिन्दगी . 136 76. यू जिन्दगी कटता नहीं . 138 77. जीवन की छलांग . 139 78. उखड़ा जीवन . 140 79. जीवन ज्योति नयन हमारा . 142 80. जिन्दगी पड़ा तेरे सामने . 144 81. जिन्दगी की तरफ . 146 82. जिन्दगी से कैसा सिकवा . 148 83. सिकवा और शिकायत. 149 84. चैराहे पर राहें . 151 85. जिन्दगी उससे नहीं चलती . 153 86. जिन्दगी एक हसीन सपना. 154 87. क्या नही पासहमारे . 156 88. जिन्दगी की शिखर . 158 89. पल-पल जिन्दगी. 159 90. चलो-चले भविष्ष्य सजाएँ . 161 91. तोहफा . 162 92. वो सुबह की पहली किरण . 163 93. उड़ान. 165 94. जिन्दगी की सच . 167 95. वो था तब तक . 169 96. जीवन है क्या . 171 97. लिया क्यों इस धरती पर जन्म . 173 98. मेरा जीवणः प्राण . 174 99. जीवण की झरना . 176 100. वाह! जिन्दगी . 178 101. बचपन की याद . 183 102. एक चैन की तलाश में . 185 103. एक समय था वो भी . 187 वक्त, कर्म परिश्रम और कामयाबी 104. वक्त का मरहम . 194 105. प्रयत्नशील हो प्रयत्नवार . 196 106. काल का इंतजार . 198 107. समय. 200 108. नया साल आया, साथ तोहफा लाया . 201 109. नई दिशाएँ. 202 110. होता नही कुछ भी ऐसे ही . 204 111. सफलता का कारण. 205 112. चलना होेगा, बढ़ना होगा . 207 113. हर पल यू बढ़ते रहेगे . 208 114. है योग्य तोयोग्यता दिखाओ . 209 115. क्यों लगता है तू बेकार . 211 116. लम्हे - लम्हे बीते जा रहा . 212 117. न चल तू पिछलेरोज पर . 213 118. मत कर प्रण बनूँगा महान. 214 119. हौसला रख बुलंद . 216 120. उगते सूरज . 218 121. गाँव की बदलती तस्वीर . 219 122. वक्त का मिनट भी डेढ़ . 221 123. वक्त रहते भविष्ष्य सजाएँ। . 223 124. है बस मौसम को इतना बिसात . 225 125. जन कर्म प्रधान. 227 126. होते नही ऐसे ही कुछ . 228 127. श्राप या आशिर्वाद . 230 128. सोच की वैशाखी . 232 129. हर लम्हा खाश है। . 233 130. मातम और सितम्. 235 131. किस काम का . 237 132. अनजान रास्ते. 239 133. मंजिल के पास .240 134. हौसला. 241 135. आशा की दीपक . 242 136. जो चल दिया सो पहूँच गया .243 137. मेहनत, हिम्मत और लगन. 244 138. परिश्रम का फल .246 139. कर्म रथ . 247 140. जीवन की छलांग .248 141. मान नहीं सम्मान नहीं . 249 प्रकृति मौसम वसंत व सावन 142. कह रहा पेड़ औरपौधा मुझसे . 254 143. पर्यावरण .256 144. वसंत का स्वागत अभिनंदन .257 145. नव पल्लवित, नव-नव जीवन.258 146. बसंत का बहार . 259 147. पतंग से संदेश .260 148. मुरझाई हुई कली . 262 149. पवन की बात . 263 150. इस खुशनूमा वादी का श्रंृगार. 265 151. चली मै-चली मै . 266 152. मैं वसंत तूवसंत . 268 153. अलविदा वसंत . 270 154. बीत गए हैं वष्र्षों पहले. 272 155. अमृत घटा बूँद बन आया. 274 156. जल निर्जल, वन उपवन .276 157. देखो आया मौसम सावन .277 158. घनघोर घटा बादल छाया. 279 अन्य कुछ और 159. दुनिया गोल है। . 282 160. मेरे छोटे-छोटे ख्वाब . 284 161. शाम छूट नही रहा . 286 162. खुद को बढते देखा. 288 163. आज हंै खुशनूमा पल . 290 164. एक जिन्दगी, तीन पहलू . 292 165. पता भी नही चला . 294 166. अपवाद-विवाद. 295 167. कर रहा कोईव्यगं . 297 168. दूसरों की खुशी . 299 169. बीत गया वो पल अब तो .300 170. ऐसा कभी हुआ नहीं .302 171. दिल की बात .304 172. प्रचण्ड बुद्वि, प्रखर विद्वान .306 173. पल दो पल का शायर हूँ .308 174. होता है ऐसे क्यों . 310 175. दिल की ख्वाईश .312 176. ये दर्पण नहीं है साक्षात्कारता. 314 177. बीते पल हँसी संग . 316 178. लिखने का ख्वाब .317 179. हूँ मंै अब चुप्पी साधे . 319 180. उस शाम से क्यादुआ करें।. 320 181. हूँ मैं तन्हा बेचारा . 322 182. पिंजरे की पंछी . 323 183. लालची मगरमच्छी. 324 184. हक है हकदार का.326 185. हक. 327 186. आज हुई एक मुझसे गलती. 328 187. मैं और मेरी अभिलाष्षा . 329 188. एक चाहत कि दरमियाँ. 331 189. मैं और मेरी भाष्षा . 332 190. छन छन आहट .334 191. पिंजरे की पंछी .335 192. परिंदों की मस्ती .337 193. प्राचीन संस्कार .338 194. कुछ सपने सोने नहीं देते .340 195. नव दीप जले नव फूल खिले . 341 196. यादों से पन्नों तक . 342 197. वन-उपवन और मन .344 198. मेरी कहानी.346 199. कर्ज .348 200. मैं और मेरी कहानी .350 201. क्या कहूँ अपने बारे में . 352 202. मैंने अपने छूटे सपने को पूरा किया.354 203. सागर से रत्न तक .355

Reviews
No reviews added. Be the first one to add review!
Add Review

Write your review about this book. your review will be published within 24 hrs.

*Review
(Max. 200 characters.)
* Name :
*Country :
*Email :
*Type the Code shown
 
 
www.gyanbooks.com is not be responsible for typing or photographical mistake if any. Prices are subject to change without notice.